लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रे...
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। इस दौरान भाजपा को बड़ा सियासी झटका देते हुए उसके चार नेता सपा की साइकिल पर सवार हो गए। भाजपा छोड़कर आने वालों में दो बार के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य, बिसौली से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, भाजपा नेता चंद्र कुमार मिश्र और राम बहादुर पासी प्रमुख रूप से शामिल रहे। अखिलेश यादव ने सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए इसे जनादेश में बदलाव की शुरुआत बताया।
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| Purvanchal Samachar |
"हम साधु-संत नहीं, जनता की सेवा के लिए कुर्सी जरूरी": अखिलेश
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने बयान—'अखिलेश अब यूपी की गद्दी पर नहीं बैठ पाएंगे'—के सवाल पर सपा अध्यक्ष ने सीधा और चुटीला जवाब दिया।
अखिलेश यादव ने कहा, "हम कोई साधु-संत नहीं हैं, हमें गद्दी नहीं बल्कि कुर्सी चाहिए। लोकतंत्र में जनता की सच्ची सेवा करने और उनके अधिकार सुरक्षित करने के लिए कुर्सी पर बैठना जरूरी होता है।" उन्होंने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों और झूठे दावों से त्रस्त होकर अब जनता और उनके खुद के नेता सपा के साथ जुड़ रहे हैं।
सपा सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग बंद करने और आवास देने का बड़ा ऐलान
अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर अपनी नीतियों का खाका प्रस्तुत करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा की सरकार बनते ही शोषण का माध्यम बन चुकी आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संविदा सफाई कर्मियों के कल्याण के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी और वाल्मीकि समाज के बेघर परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। सपा अध्यक्ष ने प्रदेश भर में छात्र-छात्राओं और जरूरतमंदों को बड़े पैमाने पर साइकिलें वितरित करने तथा अधिवक्ताओं के सम्मान व सुविधा के लिए न्यायालय परिसरों में आधुनिक चैंबर बनवाने का भी ऐलान किया।
वोटर लिस्ट में 2000 फर्जी प्रविष्टियों का दावा, आधार से जोड़ने की मांग
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर भाजपा के इशारे पर मतदाता सूचियों में धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में व्यापक हेराफेरी सामने आई है, जिसमें अकेले 'सुनीता पत्नी राजेश' नाम से 2,000 से अधिक संदिग्ध और फर्जी प्रविष्टियां पाई गई हैं। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और मतदान के दौरान बूथ स्तर पर मतदाताओं की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने की मांग उठाई, जिससे फर्जी मतदान पर पूरी तरह रोक लग सके।
